"मेरा" कल आज और कल -पढ़ें ?-"भाग -{24}-- ज्योतिषी झा मेरठ2009 -हम चाहते थे कि अपने तमाम श्लोकों को संगीत से सजायें और माँ शारदे की कृपा से करने में सफल भी हुए | इस कार्य में मेरी भार्या ने बहुत साथ भी दिया किन्तु 2009 आते -आते सब्र टूट गया भार्या का और उलाहना देने लगी | यद्यपि मेरे घर में किसी वस्तु की कमी नहीं थी -मकान ,वाहन ,प्रेम सबकुछ था पर सगीत के क्षेत्र में मेरी कोई पहचान नहीं थी तो भला मेरे जैसे निकम्मे व्यक्ति का यही हाल होना था | हमने अपने हारमोनियम का परित्याग कर दिया | ऐसा नहीं कि ऐसा व्यक्ति मैं ही संसार में हूँ | बहुत से माता पिता अपनी संतानों पर धन इसलिए खर्च करते हैं कि उनको ज्ञान कम भले ही हो पर ओहदा जरूर मिले क्योंकि आज पढ़ाई धन के लिए पहले होती है ज्ञान के लिए बाद में | ऐसा भोले नाथ के साथ भी हुआ अपने लिए भिखारी रहते हैं तो दूसरों के लिए दानी है | बहुत से छात्र ज्ञान में सक्षम होते हैं किन्तु सफलता नहीं मिलती है तो आत्महत्या भी कर लेते हैं | मेरी ललक शिक्षा थी न कि धन -जब ज्ञान होता है तो धन खुद ही आता है | बहुत से लोग हैं जो जीजान से मेहनत करते हैं किन्तु राजा नहीं बन पाते हैं | ---तो भला मेरे जैसा नाकाम व्यक्ति ज्ञान की बात ही कर सकता है | मैंने अपनी कुण्डली देखने की कोशिश की कि आखिर मुझको सफलता क्यों नहीं मिलती है ऐसी सफलता नहीं जो पद न दिला सके, तो पत्ता चला मेरी कुण्डली में गुरु तृतीय भाव में हैं और शनि भाग्य में इसका मतलब है --मुझसे परिजनों को तो सुख मिलेगा किन्तु मुझको परिजनों से सुख नहीं मिलेगा | आगे मेरा भाग्य तो अच्छा रहेगा किन्तु पद नहीं मिलेगा | तीसरा जीवन में निरन्तर अध्ययन करता रहेगा | अतः हमने सोच लिया जिससे भार्या को कष्ट हो वो कार्य नहीं करेंगें ,संगीत की शिक्षा समाप्त कर दी | ----पर क्या करें गुनगुनाना बंद नहीं हुआ, -- |-------ज्योतिष से सम्बंधित सभी लेख इस पेज https://www.facebook.com/Astrologerjhameerut में उपलब्ध हैं कृपया पधारें और अपने -अपने योग्य ज्योतिष का लाभ उठायें ,आपका लाभ ही हमारी दक्षिणा होती है ------आपका -खगोलशास्त्री झा मेरठ,झंझारपुर और मुम्बई-- - उपलब्ध हैं |
ऑनलाइन ज्योतिष सेवा होने से तत्काल सेवा मिलेगी -ज्योतिषी झा मेरठ
ऑनलाइन ज्योतिष सेवा होने से तत्काल सेवा मिलेगी -ज्योतिषी झा मेरठ 1 -कुण्डली मिलान का शुल्क 2200 सौ रूपये हैं | 2--हमसे बातचीत [परामर्श ] शुल्क है पांच सौ रूपये हैं | 3 -जन्म कुण्डली की जानकारी मौखिक और लिखित लेना चाहते हैं -तो शुल्क एग्ग्यारह सौ रूपये हैं | 4 -सम्पूर्ण जीवन का फलादेश लिखित चाहते हैं तो यह आपके घर तक पंहुचेगा शुल्क 11000 हैं | 5 -विदेशों में रहने वाले व्यक्ति ज्योतिष की किसी भी प्रकार की जानकारी करना चाहेगें तो शुल्क-2200 सौ हैं |, --6--- आजीवन सदसयता शुल्क -एक लाख रूपये | -- नाम -के एल झा ,स्टेट बैंक मेरठ, आई एफ एस सी कोड-SBIN0002321,A/c- -2000 5973259 पर हमें प्राप्त हो सकता है । आप हमें गूगल पे, पे फ़ोन ,भीम पे,पेटीएम पर भी धन भेज सकते हैं - 9897701636 इस नंबर पर |-- ॐ आपका - ज्योतिषी झा मेरठ, झंझारपुर और मुम्बई----ज्योतिष और कर्मकांड की अनन्त बातों को पढ़ने हेतु या सुनने के लिए प्रस्तुत लिंक पर पधारें -https://www.facebook.com/Astrologerjhameerut
मंगलवार, 3 अक्टूबर 2023
मेरा" कल आज और कल -पढ़ें -भाग -24-- ज्योतिषी झा मेरठ
"मेरा" कल आज और कल -पढ़ें ?-"भाग -{24}-- ज्योतिषी झा मेरठ2009 -हम चाहते थे कि अपने तमाम श्लोकों को संगीत से सजायें और माँ शारदे की कृपा से करने में सफल भी हुए | इस कार्य में मेरी भार्या ने बहुत साथ भी दिया किन्तु 2009 आते -आते सब्र टूट गया भार्या का और उलाहना देने लगी | यद्यपि मेरे घर में किसी वस्तु की कमी नहीं थी -मकान ,वाहन ,प्रेम सबकुछ था पर सगीत के क्षेत्र में मेरी कोई पहचान नहीं थी तो भला मेरे जैसे निकम्मे व्यक्ति का यही हाल होना था | हमने अपने हारमोनियम का परित्याग कर दिया | ऐसा नहीं कि ऐसा व्यक्ति मैं ही संसार में हूँ | बहुत से माता पिता अपनी संतानों पर धन इसलिए खर्च करते हैं कि उनको ज्ञान कम भले ही हो पर ओहदा जरूर मिले क्योंकि आज पढ़ाई धन के लिए पहले होती है ज्ञान के लिए बाद में | ऐसा भोले नाथ के साथ भी हुआ अपने लिए भिखारी रहते हैं तो दूसरों के लिए दानी है | बहुत से छात्र ज्ञान में सक्षम होते हैं किन्तु सफलता नहीं मिलती है तो आत्महत्या भी कर लेते हैं | मेरी ललक शिक्षा थी न कि धन -जब ज्ञान होता है तो धन खुद ही आता है | बहुत से लोग हैं जो जीजान से मेहनत करते हैं किन्तु राजा नहीं बन पाते हैं | ---तो भला मेरे जैसा नाकाम व्यक्ति ज्ञान की बात ही कर सकता है | मैंने अपनी कुण्डली देखने की कोशिश की कि आखिर मुझको सफलता क्यों नहीं मिलती है ऐसी सफलता नहीं जो पद न दिला सके, तो पत्ता चला मेरी कुण्डली में गुरु तृतीय भाव में हैं और शनि भाग्य में इसका मतलब है --मुझसे परिजनों को तो सुख मिलेगा किन्तु मुझको परिजनों से सुख नहीं मिलेगा | आगे मेरा भाग्य तो अच्छा रहेगा किन्तु पद नहीं मिलेगा | तीसरा जीवन में निरन्तर अध्ययन करता रहेगा | अतः हमने सोच लिया जिससे भार्या को कष्ट हो वो कार्य नहीं करेंगें ,संगीत की शिक्षा समाप्त कर दी | ----पर क्या करें गुनगुनाना बंद नहीं हुआ, -- |-------ज्योतिष से सम्बंधित सभी लेख इस पेज https://www.facebook.com/Astrologerjhameerut में उपलब्ध हैं कृपया पधारें और अपने -अपने योग्य ज्योतिष का लाभ उठायें ,आपका लाभ ही हमारी दक्षिणा होती है ------आपका -खगोलशास्त्री झा मेरठ,झंझारपुर और मुम्बई-- - उपलब्ध हैं |
आत्मकथा क्यों लिखी या बोली सुनें -ज्योतिषी झा मेरठ
दोस्तों आत्मकथा एक सोपान हैं | प्रथम सोपान एक से तैतीस भाग तक ,दूसरा सोपान तैतीस भाग से बानवें भाग तक और अन्तिम सोपान बानवें भाग से अन्त तक -इसके बारे में कुछ कहना चाहता हूँ सुनें --आपकी राशि पर लिखी हुई बातें मिलती है कि नहीं परखकर देखें -
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