ऑनलाइन ज्योतिष सेवा होने से तत्काल सेवा मिलेगी -ज्योतिषी झा मेरठ

ऑनलाइन ज्योतिष सेवा होने से तत्काल सेवा मिलेगी -ज्योतिषी झा मेरठ
ऑनलाइन ज्योतिष सेवा होने से तत्काल सेवा मिलेगी -ज्योतिषी झा मेरठ 1 -कुण्डली मिलान का शुल्क 2200 सौ रूपये हैं | 2--हमसे बातचीत [परामर्श ] शुल्क है पांच सौ रूपये हैं | 3 -जन्म कुण्डली की जानकारी मौखिक और लिखित लेना चाहते हैं -तो शुल्क एग्ग्यारह सौ रूपये हैं | 4 -सम्पूर्ण जीवन का फलादेश लिखित चाहते हैं तो यह आपके घर तक पंहुचेगा शुल्क 11000 हैं | 5 -विदेशों में रहने वाले व्यक्ति ज्योतिष की किसी भी प्रकार की जानकारी करना चाहेगें तो शुल्क-2200 सौ हैं |, --6--- आजीवन सदसयता शुल्क -एक लाख रूपये | -- नाम -के एल झा ,स्टेट बैंक मेरठ, आई एफ एस सी कोड-SBIN0002321,A/c- -2000 5973259 पर हमें प्राप्त हो सकता है । आप हमें गूगल पे, पे फ़ोन ,भीम पे,पेटीएम पर भी धन भेज सकते हैं - 9897701636 इस नंबर पर |-- ॐ आपका - ज्योतिषी झा मेरठ, झंझारपुर और मुम्बई----ज्योतिष और कर्मकांड की अनन्त बातों को पढ़ने हेतु या सुनने के लिए प्रस्तुत लिंक पर पधारें -https://www.facebook.com/Astrologerjhameerut

सोमवार, 26 जनवरी 2026

नूतन संवत -2083 -यानि -2026 +27 -भविष्यवाणी -पढ़ें -खगोलशास्त्री ज्योतिषी झा मेरठ

ॐ संवत -2083 का आगमन चैत्र शुक्ल प्रतिपदा अर्थात -दिनांक -19 /03 /2026 को मीन राशि के चंद्र और उत्तर भाद्रपदा  नक्षत्र में होगा |  नव वर्ष प्रवेश के समय दिल्ली में मीन लग्न उदित है | लग्नेश गुरु शत्रु राशि में स्थित हैं ,और अष्टम ,दशम और द्वादश भाव पर दृष्टिपात कर रहे हैं | गुरु ही वर्ष का राजा सस्येश,नीरसेश और धनेश भी हैं | लग्न में शनि ,चंद्र ,सूर्य और शुक्र है | शनि की दृष्टि दशम भाव ,सप्तम भाव और तृतीय भाव पर है | शुक्र अपनी उच्च राशि से सप्तम भाव को देख रहा है | ---भारत के सम्बन्ध पड़ौसी देशों के साथ तनाव पूर्ण ही बने रहेंगें ,सम्बन्ध सुधारने के लिए असफल प्रयास होते रहेंगें | कुछ मित्र देशों के साथ भी सम्बन्ध तनाव पूर्ण हो सकते हैं | 

---यातायात और दूरसंचार के क्षेत्रों में व्यवसायिक अथवा कूटनैतिक समस्या उत्पन्न होगी | इन क्षेत्रों से सम्बंधित न्याय और आंतरिक नियमों में फेरबदल अथवा संशोधन होगा | मार्च से मई -2026 सरकार के लिए विभिन्न कारणों से चिंताएं बनी रहेगी | मई और जून -2026 में शत्रु देशों द्वारा रचित षड्यंत्र के कारण जन धन की हानि भी संभव है | जुलाई --2026 में सरकार का मनोबल बढ़ेगा | अर्थ व्यवस्था में कुछ नवीन आंशिक शुभ लक्षण उत्पन्न होंगें | 

--वर्षा ऋतु  में मौसम का उग्र रूप प्रबल होगा | उत्तर  और पश्चिम उपमहाद्वीप में अनियमित वर्षा  कारण जनधन की हानि के योग पुनः उतपन्न हो रहे हैं | अन्तर्राष्ट्रीय संबंधों के कारण यातायात ,दूरसंचार और राष्ट्रीय कोष पर दवाब अनुभव होगा | पर्यावरण और प्रकृति के अनुकूल नीतियां बनाकर और कर्म कर इन अशुभ फलों को पर्याप्त सीमा तक कम किया जा सकता है | ---भारत सरकार को उक्त दिशा में क्रियाशील होना हितकर होगा | सितम्बर के अंत और अक्टूबर -2026 -के आरम्भ में सीमाओं पर तनाव संभव है | पड़ौसी देशों के साथ सम्बन्ध पुनः खटास में पड़ सकते हैं | अक्टूबर और नवम्बर -2026 में शुभ फलों की प्राप्ति होगी | शत्रु दमन संभव है | भारत की नीतियों  में उग्रता परिलक्षित होगी | दिसम्बर -2026 और जनवरी --2027 में विपक्ष और पड़ौसी देशों में कुछ गुप्त दुरभि संधि पनपने का आयोजन बन सकता है | यह ज्योतिषीय संकेत है | फरवरी -मार्च -2027  विपक्ष को धक्का लगेगा | 

--स्वतंत्र भारत  में तथाकथित धर्म -निरपेक्षता का वस्तु -परक मूल्याङ्कन वर्तमान सन्दर्भ में परमावश्यक है | राम युग में जिस प्रकार कालनेमि राम भक्त बनकर श्री हनुमानजी की सेवा में बाधा डाल रहा था उसी प्रकार उक्त पंथ निरपेक्षता वास्तव में हिन्दू विरोधी -खल -नीति - है | यह नीति एक ओर जनता के पैसों पर ,इस्लामिक धर्म प्रचार की संस्थाओं  जामिया मिलिया, ए एम् यू  का समर्थन करती आ रही है | दूसरी ओर बहुत समय तक हज यात्रा का आर्थिक भार भी जनता पर डाला जाता रहा है | यह कैसी विडम्बना पूर्ण पंथ निरपेक्षता है | 

---आने वाले समय  में स्वतंत्र भारत की मंगल की महादशा में भारतीय जनता और नेता जागरूक होकर इस खल पूर्ण कालनेमि ,हिन्दू विरोधी नीति पर पुनः विचार कर --इसे इतिहास के कूड़ेदान में विलीन करें --यही राष्ट्रहित में होगा ,और मंगल -आर्य -का शुभफल प्रदान करेगा | --भवदीय निवेदक --खगोलशास्त्री ज्योतिषी झा मेरठ --2027 की समस्त बातों को जानने हेतु -इस लिंक पर पधारें --https://www.facebook.com/Astrologerjhameerut



शनिवार, 24 जनवरी 2026

ज्योतिष की दृस्टि में संसार चक्र 2026+27 -पढ़ें -खगोलशास्त्री ज्योतिषी झा मेरठ

ॐ -वैशाख कृष्ण द्वादशी --दिनांक -14 /04 /2026  मंगलवार प्रातः -09 /31  पर सूर्यदेव मेष संक्रमण करेंगें | इस समय चंद्र कुम्भ राशि में स्थित है | लग्नेश शुक्र द्वादश भाव में सूर्य के साथ बैठा है | बुध पंचमेश होकर पंचम भाव को देख रहा है | नवमेश -दशमेश शनि एकादश भाव से लग्न पर ,पंचम भाव पर और अष्टम भाव पर एवं दशम भाव पर दृष्टि पात कर रहा है | मंगल सप्तम भाव का अधिपति है और छठे भाव को अष्टम दृस्टि से देख रहा है | राहु -केतु ,दशम -चतुर्थ भाव में बैठे हैं | चौथे भाव का अधिपति सूर्य छठे भाव पर दृस्टि डाल रहे हैं | शनि +गुरु और केतु अष्टम भाव पर दृष्टि डाल रहे हैं | बुध नीच का है | --उक्त समस्त ग्रहों के प्रभाव से यह संवत -2026 सरकार के लिए कठिन प्रतीत हो रहा है | भारत के सम्बन्ध  कुछ राष्ट्रों के साथ तनावपूर्ण होंगें | युद्ध ,पीड़ा ,प्राकृतिक प्रकोप और हिंसक गतिविधियों के कारण जनधन हानि के व्यापक योग है | अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार के कारण सरकार पक्ष को घोर पीड़ा अनुभव होगी | उच्च राजनेताओं पर स्वास्थ संकट मंडरा सकता है | सत्ता पक्ष के लिए यह कठिन है | व्यवसायिक वातावरण में असमंजस्य और अनिश्चितता व्याप्त होगी | उक्त अनिश्चितता के लिए विपक्ष और जनसाधारण सत्ता पक्ष उत्तरदायी बतायेगा | 

---केंद्र सत्ता में परिवर्तन के योग पकट हो सकते हैं | शत्रु देशों के गुप्तचर तंत्रों के कारण विशेष पीड़ा अनुभव होगी | वर्ष भर मजहबी -हिंसा और आतंकवादी गतिविधियों का खतरा बना रहेगा | जन -साधारण सरकार पक्ष का विरोध करता दृश्य होगा | विपक्ष की एकता भी समय -समय पर भंग होती रहेगी | भारतीय उपमहाद्वीप में एक लम्बे समय से चलने वाले युद्ध का आगमन होगा | अप्रत्याशित रक्तपात हो सकता है | भारतीय सीमाओं पर शत्रु सेना भयंकर अस्त्र  गर्जना कर सकती है | घरेलु उपयोग की वस्तुओं में तेजी दिखाई देगी | 

---संवत आरम्भ में मंगल +राहु  युति  करेंगें और अप्रैल -2026 में मंगल +शनि और मंगल -नेप्च्यून का ग्रह -युद्ध होगा | काश्मीर और उत्तर भारत में युद्ध भय बना रहेगा | अफगानिस्तान के काबुल और कंधार में भी हिंसक जयलायें भड़केगी | जून -जुलाई -2026  में सत्ता पक्ष के लिए अनेक कठिनाईयां प्रस्तुत होगी | न्यायपालिका और सरकार पक्ष में विरोधाभास उत्पन्न होगा | जुलाई के अंतिम सप्ताह में अराजकता एवं मजहबी -हिंसा के योगायोग प्रस्तुत होंगें |  देश -विदेश की राजनीति एकाएक बदलने लगेगी | -22 /01 /2027 से 02 /02 /2027 तक के समय में स्वर्ण के भावों में हलचल देखि जायेगी | 20 /02 /2027 से 12 /03 /2027 तक गुरु +बुध और मंगल के योगायोग के कारण विश्व व्यापार में हलचल देखी जाएगी | यह समय विश्व शान्ति के लिए भी अशुभ है | 10 /11 /2026 से 10 /03 /2027 तक मंगल -शनि के योगायोग के कारण युधभय ,प्राकृतिक आपदाओं एवं दर्घटनाओं के कारण अशुभ समाचार आते रहेंगें | विश्व राजनेताओं में परस्पर विरोधाभास उत्पन्न होगें | 

-कुछ विशेष -----समाज में हमेशा तीनों मूल तत्व होते हैं | अप्राकृतिक रूप से सबको एक स्तर पर नहीं रखा जा सकता है | प्रकृति में विभिन्नता ही उसका नैसर्गिक सौंदर्य है | अप्राकृतिक रूप से विभिन्नता -वैभिन्य को समानता में लाना दुराग्रह का कृत्य होता है | प्रपंची शकुनि की कुटिल नीति पर चलने वाली राज -व्यवस्था का लगातार एक छत्र साम्राज्य बनाये रखने की --अभिलाषा ज्ञान मई कोष -से मनोमय भी वर्तमान शासकीय व्यवस्था में हो सकता है | --भवदीय निवेदक --खगोलशास्त्री ज्योतिषी झा मेरठ --2027 की समस्त बातों को जानने हेतु -इस लिंक पर पधारें --https://www.facebook.com/Astrologerjhameerut



बुधवार, 21 जनवरी 2026

आत्मकथा एवं ज्योतिष किताब पूर्ण हो चुकी है --पढ़ें -खगोलशास्त्री ज्योतिषी झा मेरठ

ॐ --हमारे -पाठकगण -आपलोग हमारे साथ -2010 से आज -21 /01 /2026 है --जुड़े रहे -सबसे पहले आप सबको साधुवाद देना चाहते हैं | -जीवन निःस्वार्थ नहीं हो सकता है -यह मेरा व्यक्तिगत अनुभव रहा है | हमने फिर भी धर्म सम्मत प्रयास किया है -कि कितना बचा जा सकता है | मेरा अनुभव है -ज्योतिष के जितने भी आचार्य हुए -जिनके संस्कृत के जितने भी ग्रन्थ हैं ==चाहे शीघ्रबोध ,शिशुबोध ,मुहूर्त चिंतामणि ,ताजिक नीलकण्ठी ,जतका भरणम ,जातक तत्त्वं ,सांख्यकारिका ,जैमिनी सूत्र --आदि --सभी ग्रन्थों के अपने -अपने मत रहे हैं --पर सबसे बड़ी विशेषता यह रही सभीने --संस्कृत भाषा  में लिखी हैं --इसका प्रथम अभिप्राय यह हुआ --सभी संस्कारों और संस्कृति को प्रमुखता दी है | आज हम सभी लोग भी ज्योतिषी करते हैं किन्तु --हमारे विचार और संस्कारों में अन्तर का एक प्रमुख कारण यह है --ज्योतिष  वही है पर संस्कार और संस्कृति एक जैसी नहीं है | हमने 15 वर्षों में यही दर्शाने की कोशिश की है | मेरे विचार से जो अच्छा लगे उसे स्वीकार करें ,जो अच्छा नहीं लगे उसे त्याग दें किन्तु उपहास न करें | --आत्मकथा में व्यक्तिगत बातों को दर्शाकर यह कोशिश की है -गलती सभी जगह होती है --कभी न कभी हर व्यक्ति अपने को ठीक करने की कोशिश अवश्य  करता है | --दूसरी किताब जो ज्योतिष की लिखी है --इसमें ज्योतिष का वास्तविक रूप में सार है --केवल -75 भागों में सभी बातों को समेटने की कोशिश की है | भले ही बहुत ग्रंथों को पढ़ने का मौका न मिले --किन्तु इन भागों को पढ़कर एक परिपक्व ज्योतिषी बना जा सकता है --जो संस्कृति और संस्कारों से भी बांधें रखेंगें | अब आगे जीविका सबको चाहिए --मुझे भी चाहिए --अतः अब केवल ज्योतिष की पाक्षिक भविष्यवाणी  के साथ -साथ --भविष्यवाणी के प्रमुख लेख ही लिखेंगें --जिससे मेरी जीविका चलती रहे | अपना विशेष समय -आराधना में बिताएंगें | ----ज्योतिष की भविष्यवाणी पढ़ने हेतु --यहाँ पधारें -- खगोलशास्त्री ज्योतिषी झा मेरठ

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सोमवार, 19 जनवरी 2026

देश -विदेशों में इस पक्ष -19 /01 /26 से 01 /02 /26 तक -क्या -क्या होगा --पढ़ें -ज्योतिषी झा मेरठ

ॐ श्रीसंवत -2082 -शाके -1947  माघ शुक्लपक्ष  तदनुसार  दिनांक -19 /01 /2026 से 01 /02 /2026 तक -भविष्यवाणी की बात करें --पहले एक प्रमाण देखें --कृष्ण पक्ष की तिथि बढे ,शुक्ल पक्ष घट जाय ,एक वस्तु  तो क्या घटे ,सभी वस्तु घट जाय "--अर्थात --उपयोगी वस्तुओं की कमी होने से बाजार का रुख नरम रहेगा | रोजमर्रा की चीजें अधिक महंगी होगी | --एक और प्रमाण देखें --मकरे च स्थिते भौमे घृत तेल महर्घता ---के अनुसार घी +तेल  में अधिक तेजी होगी | --एक और प्रमाण देखें --आगे पीछे बहुत ग्रह ,रवि राहु आगार ,राजनीति सह द्विन्द से ,होवे बहुत बिगार "---भाव --राजनैतिक पार्टियों  में परस्पर उठा -पटक के चलते किसी देस  अथवा प्रदेश में काफी क्षति होगी | रोजमर्रा की छीना झपटी ,तोड़फोड़ ,मारपीट  से जनता त्रस्त रहेगी | नेता मौज मस्ती करेंगें | ------तेजी मन्दी की बात करें तो --पक्षान्त बने भाव अंत में पलट जायेंगें | चल रहे साम्यक भाव निचे -ऊँचे होते रहेंगें | ----घी ,तेल ,मसूर ,अन्न ,मूंगफली ,चना ,चबेना ,मक्का ,नमकीन ,मिर्च -मसाला महंगें होंगें | ---आकाश लक्षण की बात करें तो --मौसम खराब चलेगा ,बादलचाल ,कहीं कम तो कहीं अधिक बूंदाबांदी होगी | बिजली ,गाज ,दुर्दिन होने से यातायात में बाधा एवं खेती में क्षति का कारण बनती है | नोट --राष्ट्रनायकों में झगड़ें विवाद क्षोभ का कारण बनेगा | --ज्योतिष की समस्त बातों को जानने हेतु --इस पेज पर पधारें --खगोलशास्त्री ज्योतिषी झा मेरठ

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शनिवार, 3 जनवरी 2026

इस पक्ष -क्या -क्या होगा -पढ़ें -04 /01 /26 से -18 /01 /26 -तक -ज्योतिषी झा मेरठ

 इस पक्ष  -क्या -क्या होगा -पढ़ें -04 /01 /26 से -18 /01 /26 -तक -ज्योतिषी झा मेरठ 


-ॐ -माघ कृष्णपक्ष  दिनांक -04 /01 /2026 से --18 /01 /2026 -तक  देश -विदेशों में होने वाली घटनाओं का जिक्र करें --एक प्रमाण देखें --"शनिवारा  यदा पंच जायन्ते रवि पंचकम ,महार्घं जायते धान्यं रोग शोकाकुला मही "--प्रस्तुत प्रमाण के के अनुसार --माघ कृष्ण पक्ष में अनाजों में तेजी होगी | प्रजाजनों में रोग -शोक -संताप बढ़ेंगें | अन्तर्राष्ट्रीय जगत में किसी प्रकार की नई हलचल होगी | राजनीति परिचर्चा पार्टी बेस  पर अंतर्द्वंद ,मारपीट ,तोड़फोड़ ,उठा -पटक में तब्दील होगी | -----एक और प्रमाण देखें --देव् गुरु के सामने जब चलते शुक्राचार ,धर्म विरोधी मर मिटें ,करते पापाचार "---- अर्थात --पक्ष के पूर्वार्ध में दंगे भड़क सकते हैं | मकर संक्रांति तक विरोधी ग्रह आमने -सामने चलेंगें | पंचग्रही  योग  का प्रभाव उत्तम नहीं रहेगा | ----अर्थात ---विरोधी ग्रह संयोग में रक्तरंजीत  धरा अकुलायेगी | अस्त्र -शस्त्र चलने लगते हैं | ----तेजी मंदी की बात करें तो --चालू भावों में उथल -पुथल होती रहेगी | पक्षांत में भाव पलट जायेंगें | --विशेष ---राजनीति के पट्टेबाज को दिक्कत होती है ,अथवा पदार्थों की कमी अखरती है | खाने -पीने की वस्तुयें न मिलने से छीना झपटी होगी | ----आकाश लक्षण की बात करें तो --जहाँ -तहाँ  बादलचाल ,मेघगर्जन ,बिजली ,गाद ,हिमपात ,उपलवृष्टि संभव है | --आपका --

खगोलशास्त्री ज्योतिषी झा मेरठ-- 
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खगोलशास्त्री ज्योतिषी झा मेरठ

नूतन संवत -2083 -यानि -2026 +27 -भविष्यवाणी -पढ़ें -खगोलशास्त्री ज्योतिषी झा मेरठ

ॐ संवत -2083 का आगमन चैत्र शुक्ल प्रतिपदा अर्थात -दिनांक -19 /03 /2026 को मीन राशि के चंद्र और उत्तर भाद्रपदा  नक्षत्र में होगा |  नव वर्ष प...