ॐ --ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया -बुधवार --17 जून 2026 -को हिजरी सन -1448 का आरम्भ होगा | भारतीय उपमहाद्वीप में मुस्लिम वर्ग की प्रवृतियों के अध्ययन के लिए कुण्डली पर नजर डालते हैं ---कुछ दैवज्ञ समूचे मुस्लिम देश के भविष्य फल कथन में भी इस कुण्डली का प्रयोग करते हैं | किन्तु मेरा मत है कि विभिन्न मुस्लिम देशों के सन्दर्भ में तद्देशीय लग्न कुण्डलियों का विश्लेषण ही सटीक होता है | ---अस्तु --चन्द्रमा ,गुरु और शुक्र अष्टम भाव में स्थित हैं | शनि की दृष्टि लग्न पर पड़ रही है | मंगल की चौथी दृष्टि अष्टम भाव पर है | राहु की प्रथम दृष्टि सूर्य तथा बुध पर है | --इसका अभिप्राय है --युधभय ,रोग पीड़ा एवं मजहबी हिंसा वर्षभर देखने को मिलेगी | बड़े स्तर पर जनपलायन के योग बनेंगें | मुस्लिम समाज में गुटबाजी होगी एवं अलग -अलग मुस्लिम समुदाय एक दूसरे के दुश्मन बन जायेंगें | पठान ,बलूची और सिंधी मुस्लिम --पाकिस्तान के पंजाबी मुस्लिमों के विरोध में भयंकर रोष प्रकट --प्रदर्शन करेंगें | बांग्लादेश भी मजहबी हिंसा और युद्धभय के कारण पीड़ा अनुभव करेगा | रोहिन्या मुस्लिम एवं बांग्लादेशी मुस्लिम अपने आपको एक -दूसरे के विरोध में पायेंगें | मुस्लिम समाज को आकर्षित करने वाली वोट बैंक की राजनीति के कारण भारत के प्रमुख राजनीतिक दलों का उपहास बनेगा | बड़े मुस्लिम राजनेता या मुस्लिम शासक के देहांत के कारण शोक व्याप्त होगा | पश्चिमी जगत में मुस्लिम आप्रवासियों के विरोध में नीति -निर्धारण होगा | भारत में भी अवैध अप्रवासी मुस्लिम घुसपैठियों के विरोध में बड़ी क्रांति का आरम्भ होगा |
---विशेष ---हिजरी सन -1448 का गुर्रा बुध है | --इसकी वजह से --धार्मिक अशान्ति एवं जनधन की हानि होगी | विश्व में अनेक प्रकार के रोगों से जनता पीड़ित रहेगी | वर्षा समय पर नहीं होगी | गुड़ ,शक्कर ,कपास आदि महंगे होंगें | खाद्य पदार्थ महंगें होंगें | व्यापारी वर्ग को हानि होगी | धनिकों को शासक और अराजक तत्वों से मुश्किल का सामना करना पड़ेगा | केंद्र एवं विश्व के प्रतिष्ठित नेताओं के लिए समय उत्तम नहीं रहेगा | जनता एवं पशुओं में रोग व्याप्त होंगें | रिश्वतखोरी बढ़ेगी | दुर्घटनाओं से जान -माल की हानि होगी | मेवा -दाख महंगें होंगें | अग्निकाण्ड से विशेष हानि के योग हैं | ---भवदीय निवेदक --खगोलशास्त्री ज्योतिषी झा मेरठ -2026-2027 की समस्त बातों को जानने हेतु -इस लिंक पर पधारें --https://www.facebook.com/Astrologerjhameerut

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