ॐ --सुमिर भवानी शंकरहि ,गुरु गणपति शिर नाय ,फल लिखूं नव संवत का ,करिहहि देव सहाय | |
रूद्र की बीसी के अंतर्गत इस संवत्सर का संकल्प में उच्चारण रौद्र रहेगा ---रोद्राबदं नृप संभूतखोभ कलेश समन्विता ,सततं त्वखिलः लोका मध्य सस्यार्घ वृष्टयः ----अर्थात -----रौद्र नाम के संवत्सर में प्रजा शासकों में वैर विरोध की भावना पनपेगी | नेतागण जनता के खिलाफ फैसले लेंगें | आम जनता कष्ट का अनुभव करेगी | सर्वत्र प्रजा में असंतोष फैलेगा | संसार के शक्तिशाली देश अत्याधुनिक मारक हथियारों का संग्रह करने में लगे रहेंगें | कोई सनकी शासनाध्यक्ष युद्ध की आग को और अधिक भड़काने का प्रयास करेगा | परमाणु अस्त्र -शस्त्रों का उपयोग मानव जीवन का सबसे बड़ा अधात साबित होगा | ------तेजी मंदी की बात करें तो --कमोबेश समानता का संकेत देती है | ---राहु एवं मंगल का कुम्भ राशि में बिचरण फसलों के लिए हानिकारक है ,---जिससे बाजार भावों में वृद्धि होगी | पक्षांत में --अनाज ,दाल ,चावल ,मेवा ,मिष्ठान्न ,निर्माण सामग्री ,श्रृंगार प्रसाधनों में वृद्धि होगी | ----आकाश लक्षण की बात करें तो --पक्षांतर्गत कभी कहीं आकाश स्वच्छ तो कहीं मेघा छादित रहेगा | या वायुवेग ,आंधी -तूफान के साथ हल्की वर्षा होगी | दक्षिण संभागों में तापमान में असामान्य वृद्धि नुकसानदायक होगी |
----नूतन संवत -2083 का सभी पाठकों को हार्दिक शुभकानाएं -----
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